आर्द्रा का शोर और कर्म का हिसाब
आज चंद्रमा आर्द्रा नक्षत्र में है। आर्द्रा यानी आंसुओं का नक्षत्र, जो पुराने घावों को कुरेदकर बाहर लाता है। मिथुन राशि में चंद्रमा की ये स्थिति आपके अवचेतन को बेचैन कर रही है। राहुल कुंभ में अपनी चाल चल रहा है, वहीं केतु सिंह में बैठा है। ये धुरी सीधे आपके पुराने कर्मों की गांठे खोल रही है। मंगल अश्विनी में है, मतलब शुरुआत का जुनून तो है, पर दिशा धुंधली है। वृषभ में सूर्य और बुध का साथ बुद्धि को स्थिरता देने की कोशिश कर रहा है, पर मन आर्द्रा की वजह से स्थिर नहीं है। शनि रेवती में बैठकर अंत की बात कर रहा है। आपको लग रहा होगा कि चीजें हाथ से निकल रही हैं, पर ये सिर्फ छंटाई का दौर है। जो काम का नहीं है, उसे छोड़ना ही पड़ेगा। अपने अंतर्मन की उलझनों को समझने के लिए आप 'Vyom' ऐप देख सकते हैं, वहां चार्ट का बारीकी से विश्लेषण मिल जाएगा। जबरदस्ती किसी निर्णय पर मत पहुंचना। ठहरो, देखो और महसूस करो कि क्या सच में जा रहा है। कभी-कभी खाली होना ही मुक्ति की शुरुआत होती है। ये समय भागने का नहीं, बल्कि ठहरकर हिसाब चुकाने का है।
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