कर्मों का बोझ और आज का आकाश
आज का आकाश भारी है। सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में है, मतलब भ्रम और अनिश्चितता का दौर है। केतु मघा में बैठा है, ये आपके पूर्वजों के अधूरे कामों का हिसाब मांग रहा है। आप भाग रहे हैं, पर छाया आपका पीछा नहीं छोड़ेगी। चंद्रमा तुला में है, रिश्तों में संतुलन की तलाश में। पर वृषभ का मंगल आपको जिद पर अड़ाए हुए है। बृहस्पति और बुध कर्क में साथ हैं, जो गहरे दबे हुए सच को बाहर खींच रहे हैं। सब कुछ अचानक नहीं होता। पुराने कर्मों की राख को कुरेदना पड़ रहा है। ये समय सुलझाने का नहीं, स्वीकार करने का है। अगर आप अपनी कुंडली की इन परतों को नहीं समझ पा रहे, तो 'Vyom' ऐप पर अपनी स्थिति देख लें, वहां से आपको खुद की उलझन का सही संकेत मिल सकता है। केतु का प्रभाव आपको अकेला महसूस कराएगा। अकेलेपन से डरना बंद करें, वहीं सच है। ये वक्त है रुककर अपने पिछले जन्मों के ऋण को पहचानने का। सब कुछ आप पर ही खत्म होता है। सावधान रहें।
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