मघा नक्षत्र में केतु और मानसिक कोलाहल
आज 18 मई 2026 है। केतु मघा नक्षत्र में है और यह सीधे हमारे पूर्वजों के ऋण और उन दबे हुए डर को छू रहा है जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। जब केतु जैसे ग्रह सिंह राशि में बैठते हैं, तो यह अहंकार और अध्यात्म के बीच की लड़ाई बन जाती है।
मैंने देखा है कि लोग इस समय बहुत बेचैन हैं। मिथुन राशि में चंद्रमा और शुक्र की युति मन को बहुत अधिक सोचने पर मजबूर कर रही है। आप शांत नहीं हो पा रहे, है न? विचार बिजली की तरह दौड़ रहे हैं और रुकने का नाम नहीं ले रहे।
इस घबराहट को शांत करने के लिए, 'ह्रीं' बीज मंत्र का जाप करें। बस दस मिनट, एकांत में। यह मंत्र केतु की उस ऊर्जा को स्थिर करता है जो आपको भ्रमित कर रही है। अगर आपको अपनी कुंडली के उन छिपे हुए कोनों को समझना है जहाँ ये ग्रह दबाव बना रहे हैं, तो Vyom ऐप पर अपनी स्थिति चेक करें।
कोशिश करें कि आज शाम आप थोड़ा कम बोलें। कर्क राशि में चंद्रमा का प्रभाव नहीं है, इसलिए भावनाओं को व्यक्त करने की जल्दबाजी न करें। कभी-कभी चुप रहना ही सबसे बड़ी औषधि होती है। अपने भीतर के उस शोर को देखिए, उसे दबाइए मत। यही वह रास्ता है जिससे आप अपने कर्मों के उस जाल को देख पाएंगे जिसे आप अब तक नहीं समझ पाए।
शांत रहिए। ग्रह अपनी चाल चल रहे हैं, लेकिन आपकी चेतना अभी भी आपके हाथ में है।
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