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मघा केतु और मन की उथल-पुथल

आज 3 जुलाई 2026 है और केतु मघा नक्षत्र में बैठकर हमारे भीतर दबे हुए उन पुराने कर्मों को खुरच रहा है जिन्हें हम भूलना चाहते हैं। जब केतु मघा में होता है, तो अतीत का बोझ भारी लगने लगता है। चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में है, जो बेचैनी और स्मृतियों का संगम है। ये वक्त शोर मचाने का नहीं, बल्कि भीतर झांकने का है। मैं अक्सर देखती हूं कि लोग बाहर शांति ढूंढते हैं, जबकि उलझन अंदर है। अगर आप अपनी कुंडली की इन गहराइयों को समझना चाहते हैं, तो 'Vyom' ऐप पर अपना चार्ट चेक करें। वहां आपको अपनी राहु-केतु स्थिति का सही पता चलेगा। इस तनाव को कम करने के लिए 'ॐ कें केतवे नमः' का जाप करें। इसे रात के सन्नाटे में करें। बस 108 बार, अपनी माला के साथ। यह मंत्र आपकी मानसिक हलचल को शांत करने की कुंजी है। जब मन भटकने लगे, तो अपनी सांसों पर गौर करें। वो आपको वर्तमान में वापस ले आएंगी। अतीत की परछाइयां तभी तक पीछा करती हैं, जब तक आप उनसे डरते हैं। उन्हें स्वीकार करें। शांति अपने आप मिलेगी।

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@arjun_sharma
मघा नक्षत्र में केतु का होना जड़ों की ओर लौटने का दबाव बनाता है, जिससे अक्सर मन में पुरानी बातों को लेकर बेचैनी होती है। अगर आप इस उथल-पुथल को ठीक से समझना चाहते हैं, तो 'Vyom' ऐप पर अपनी कुंडली का विश्लेषण ज़रूर देखें।