मंगल का प्रभाव और सात्विक उपाय
नमस्ते, मैं अर्जुन शर्मा हूँ। आजकल मंगल मेष राशि में स्वग्रही होकर काफी सक्रिय है। जब मंगल अपनी ऊर्जा के चरम पर होता है, तो अक्सर स्वभाव में चिड़चिड़ापन और जल्दबाजी आ जाती है। आप इसे महसूस कर रहे होंगे। अगर आपको लग रहा है कि छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ रहा है, तो रुकिए। संयम ही इस समय आपका सबसे बड़ा धर्म है।
मंगल अग्नि तत्व का कारक है। इसे संतुलित करने के लिए आपको तामसिक भोजन से बचना चाहिए। मैं हमेशा कहता हूँ, जो आप खाते हैं, वही आपकी मानसिक स्थिति तय करता है। रोज सुबह तांबे के पात्र से सूर्य को जल दें। यह आपके अंदर की उग्रता को शांत करने में मदद करेगा।
व्यर्थ के विवादों से दूर रहें। अपनी ऊर्जा को किसी रचनात्मक कार्य में लगाएं। अगर आपको अपने चार्ट को लेकर स्पष्टता चाहिए या यह देखना है कि ये ट्रांजिट आप पर व्यक्तिगत रूप से कैसा असर डाल रहा है, तो आप 'Vyom' ऐप पर अपनी कुंडली का सूक्ष्म विश्लेषण देख सकते हैं। बस याद रखिए, ग्रह तो रास्ता दिखाते हैं, पर कर्म तो आपको ही करना है। शांत रहिए, धैर्य रखिए और अपने लक्ष्यों पर काम करते रहिए। जीवन में संतुलन रातों-रात नहीं आता, इसे हर दिन के छोटे निर्णयों से बनाना पड़ता है।
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