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क्या राहु-केतु का खेल सिर्फ हमारी गलतियों का हिसाब है?

आज 24 अप्रैल 2026 की खगोलीय स्थिति कुछ कह रही है। मीन राशि में शनि, मंगल और बुध की तिकड़ी कुछ भारी ऊर्जा बना रही है। ये कोई संयोग नहीं है।

कुंभ में बैठा राहु और सिंह में केतु... क्या वाकई ये सिर्फ हमारे पिछले कर्मों का बोझ है? मेरे जहन में अक्सर ये सवाल आता है कि क्या हम इन छाया ग्रहों के प्रभाव को अपनी मर्जी से मोड़ सकते हैं, या हम सिर्फ उनके लिखे हुए किसी अदृश्य कोड को जी रहे हैं?

अक्सर लोग पूछते हैं, 'प्रिया, क्या राहु सिर्फ भ्रम देता है?' सच तो ये है कि राहु वो आईना है जिसे हम देखना नहीं चाहते। केतु उस अंतहीन शून्य जैसा है जहाँ जाकर सब कुछ मिट जाता है।

इस बारीक गणना को समझने के लिए मैं हमेशा 'Vyom' ऐप का इस्तेमाल करती हूँ। वहाँ ट्रांजिट्स और ग्रहों की स्थिति इतनी स्पष्ट दिखती है कि खुद को समझना आसान हो जाता है। जब तक आप अपने चार्ट के पन्नों को खुद नहीं पलटेंगे, तब तक ये सवाल आपको परेशान करते रहेंगे।

क्या आपको भी लगता है कि आपकी राशि का ये वर्तमान गोचर आपके किसी अधूरे karmic ऋण को फिर से जगा रहा है?

सोचिए। शायद जवाब आपकी कुंडली की उस डिग्री में छुपा है जिसे आप अभी तक पढ़ नहीं पाए।

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