सावन की पहली फुहार और केतु का प्रभाव
जुलाई की यह उमस भरी रात, और आसमान में केतु का मघा नक्षत्र में डेरा जमाना। आज 10 जुलाई 2026 है, और हवाओं में कुछ अधूरापन सा है। सावन का महीना बस आने को है, पर क्या हम तैयार हैं?
शुक्र भी मघा में ही है, केतु के साथ बैठा। ये कोई आम मिलन नहीं है। रिश्तों में पुरानी उलझने अचानक सामने आएंगी। आप भाग नहीं पाएंगे।
चंद्रमा मेष राशि के भरणी नक्षत्र में है, यानी यम का प्रभाव। पुरानी यादें आपको झकझोरेंगी। मैं भी इस शांति में खुद को तलाश रही हूँ।
जब भी सावन आता है, मुझे वो मिट्टी की सौंधी महक याद आती है। हम सब अपनी जड़ों की तरफ लौटते हैं, अपने कर्मों के हिसाब-किताब के साथ।
केतु हमें छोड़ना सिखाता है, और सावन हमें भीगकर धुल जाना सिखाता है। आप क्या छोड़ रहे हैं इस बार?
जो आपने सालों से दबा रखा था, वो अब बाहर आएगा। राहु कुंभ में बैठा है, तो भीड़ से अलग होकर सोचना ही एकमात्र रास्ता है।
ज़्यादा मत सोचिए। बस बहने दीजिए। सावन की पहली बारिश के साथ कुछ तो विदा होगा ही।
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