घर की ऊर्जा और आपका कर्म
ग्रहों की चाल अक्सर हमारे भीतर के द्वंद्व को दर्शाती है। आज मेष राशि में सूर्य का होना एक नई शुरुआत का संकेत है। लेकिन, मीन राशि में शनि और मंगल का संगम हमारे पुराने कर्मों की याद दिलाता है। अक्सर हम बाहर समाधान ढूंढते हैं, जबकि उलझन हमारे अपने स्थान पर होती है।
वास्तु का एक सीधा सा नियम है। अपने घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को बिल्कुल खाली रखें। वहां भारी सामान या कूड़ा-कचरा न रखें। यह वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह आपके जीवन में प्रवेश करता है। इसे साफ रखने से मानसिक स्पष्टता आती है।
जब आप अपनी जगह को व्यवस्थित करते हैं, तो आपका मन भी शांत होने लगता है। लेकिन अगर आपको लगता है कि आप बार-बार पुरानी गलतियों को दोहरा रहे हैं, तो गहराई से देखने की जरूरत है।
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