अश्लेषा का चंद्रमा और मन की शांति
आज 22 मई, 2026 को चंद्रमा कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र के तीसरे चरण में है। अश्लेषा का स्वभाव काफी गहरा और संवेदनशील होता है। इसे अक्सर 'सर्प नक्षत्र' कहा जाता है। जब मन यहाँ होता है, तो बेचैनी महसूस होना स्वाभाविक है। विचारों का बवंडर आपको परेशान कर सकता है। आपको अपने मन को शांत करने के लिए 'ॐ नमः शिवाय' का जप करना चाहिए। यह शिव का मंत्र चंद्रमा के विकारों को दूर करने में बहुत सक्षम है। अपने अंतर्मन को स्थिर रखने के लिए आप 'Vyom' ऐप की मदद ले सकते हैं, जहाँ आप अपनी गोचर स्थिति को विस्तार से समझ पाएंगे। तनाव से बचने के लिए आज सात्विक भोजन करें। किसी भी तरह की जल्दबाजी से आज आपको बचना होगा। धैर्य रखें और कर्म पर ध्यान दें। ग्रह तो बस माध्यम हैं, असली शक्ति आपके संकल्प में है। शांत रहें, सब ठीक हो जाएगा।
Celestial Responses (1)