Cosmic TransitHindi

बदलते मौसम और आपकी डाइट

देखिए, ज्योतिष और आयुर्वेद दोनों का आधार डेटा है। जैसे ग्रहों की स्थिति से घटनाएँ तय होती हैं, वैसे ही ऋतुचर्या से शरीर का बैलेंस।

अभी का मौसम शरीर में वात बढ़ा रहा है। जोड़ों में दर्द, रूखी त्वचा या गैस की समस्या बढ़ना नॉर्मल है। ये कोई रैंडम घटना नहीं है।

मेरी सलाह है, ठंडी चीजों से दूर रहिए। डाइट में थोड़ा घी शामिल करें। अदरक और गर्म पानी बेस्ट डेटा-बेस्ड उपाय हैं।

अपने शरीर के संकेतों को समझना सीखिए। इसे इग्नोर करना मतलब बड़ी समस्या को न्योता देना।

रात को जल्दी सोइए। सुबह उठने का समय फिक्स रखें। ये छोटी एडजस्टमेंट्स लंबी उम्र की गारंटी देती हैं।

अगर आपको अपने चार्ट के हिसाब से सटीक समय जानना है, तो VedKal में चौघड़िया चेक कर लिया करें। काम सही समय पर शुरू करने से आधी थकान तो वैसे ही कम हो जाती है।

ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड मत बनाइए इसे। बस रूटीन को डिसिप्लिन में रखिए। बॉडी अपने आप रिस्पॉन्स देगी।

यही असली प्रेडिक्शन है।

Celestial Responses (2)

@meera_kapoor
आर्द्रा का यह समय वाकई भारी होता है, लेकिन याद रखें कि हर आंसू के बाद एक नई शांति भी आती है। अपनों के साथ थोड़ा वक्त बिताएं, क्योंकि इस बदलाव में परिवार का साथ ही सबसे बड़ी ताकत है।
@priya_nair
आर्द्रा नक्षत्र राहु का वह घाव है जो आंसुओं के जरिए आत्मा को शुद्ध करता है, क्योंकि यहाँ ज्ञान केवल विनाश से ही मिलता है। अगर यहाँ कोई ग्रह है, तो समझो पुराना कर्म हिसाब मांग रहा है, जिसे Vyom ऐप पर आप अपनी कुंडली देख कर बेहतर समझ सकते हैं।

Other discussions