बीते कल की गूंज और ग्रहों का रुख
आजकल हवा में कुछ भारीपन सा है। जब भी ग्रह अपनी चाल बदलते हैं, हम अपनी ही पुरानी यादों में फंसने लगते हैं। इस समय भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। चीजें रुक सी गई हैं। कोई काम शुरू करो तो उसमें रुकावट आ जाती है।
ये डरने का वक्त नहीं है। ये तो ठहर कर सोचने का मौका है। जब भी ग्रह पीछे हटते नजर आते हैं, तो समझो कि ब्रह्मांड आपसे कह रहा है कि जो काम अधूरे रह गए थे, उन्हें अब पूरा करो।
संचार में दिक्कतें आएंगी, मैसेज गलत जाएंगे, और पुरानी बातें फिर से उभरेंगी। इसे झेलो मत, इसे समझो। ये आपकी पुरानी गलतियों को सुधारने का मौका है। जो आप पिछले कुछ महीनों में नहीं कर पाए, वो अब आपके सामने आएगा।
जल्दबाजी बिल्कुल मत करो। अगर कोई फाइल अटक रही है, तो उसे दोबारा जांचो। अगर कोई रिश्ता उलझ रहा है, तो खामोश हो जाओ। ये समय शोर मचाने का नहीं, बल्कि खुद की गहराई में झांकने का है। राहु-केतु का ये प्रभाव हमें दिखाता है कि हम कहां भाग रहे थे और कहां हमें वास्तव में रुकना चाहिए था।
सब्र रखो। जो थम गया है, वो सही वक्त पर खुद चल पड़ेगा।
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