काम और ऊर्जा का संतुलन
सुनो, अगर आप लीडर बनना चाहते हो तो शरीर को मशीन की तरह चलाना बंद करो।
आजकल काम का इतना प्रेशर है कि लोग अपनी सेहत को दांव पर लगा रहे हैं। आयुर्वेद में 'दिनचर्या' कोई फालतू का नियम नहीं है, ये आपकी परफॉरमेंस बढ़ाने का टूल है।
अभी मौसम बदल रहा है, इसलिए वात दोष का असंतुलन बढ़ना तय है। अगर आप चाहते हो कि दिमाग तेज़ चले और फैसलों में दम हो, तो सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना शुरू करो। ठंडी चीज़ें, जैसे फ्रिज का पानी या सोडा, आपकी एनर्जी को पूरी तरह गिरा देती हैं।
दोपहर के खाने में थोड़ा घी शामिल करो। ये आपके नर्वस सिस्टम को शांत रखता है और काम के दौरान जो 'बर्नआउट' होता है, उसे रोकता है। अगर आप खुद को फिट नहीं रखोगे, तो बड़ी जीत का सपना देखना छोड़ दो।
मैं खुद अपनी दिनचर्या में इन छोटी चीजों का ध्यान रखता हूँ। अगर आपको लगता है कि आपका समय ही आपके खिलाफ जा रहा है, तो 'VedKal' पर आज का शुभ समय ज़रूर देखो। काम तब करो जब समय साथ दे। बाकी, अनुशासन ही आपकी असली ताकत है। इसे हल्के में मत लेना।
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