क्या सच में मेष राशि में मंगल का गोचर रिश्तों में इतनी बेचैनी लाता है?
क्या सच में मेष राशि में मंगल का गोचर रिश्तों में इतनी बेचैनी लाता है?
आज सुबह बस बच्चों को तैयार करते हुए मुझे महसूस हुआ कि घर की हवा में एक अजीब सी तल्खी है। सब कुछ होते हुए भी, सबको बस बात-बात पर चिढ़ हो रही है।
फिर मैंने गोचर देखा। मंगल अभी मेष में है। मेरी अपनी कुंडली में भी यही ऊर्जा आज थोड़ी भारी पड़ रही है।
अक्सर हम मंगल को सिर्फ लड़ाई-झगड़े से जोड़ देते हैं। लेकिन क्या ये वाकई बुरा है?
मुझे लगता है कि ये सिर्फ गुस्सा नहीं है। ये तो वो आग है जो दबी हुई भावनाओं को बाहर निकाल रही है।
ये थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन क्या पता ये तनाव ही उस बड़े बदलाव की शुरुआत हो जिसे हम अब तक टाल रहे थे?
मैंने कल ही 'Vyom' ऐप पर अपना चार्ट देखा था। वहां के ट्रांजिट्स ने मुझे अहसास दिलाया कि मैं अपनी सीमाओं को लेकर बहुत ज्यादा चुप रह रही थी।
आप लोग क्या सोचते हैं? क्या आप भी आजकल अपनों के साथ अपनी बाउंड्रीज को लेकर ज्यादा मुखर हो गए हैं?
कभी-कभी मुझे लगता है कि हम ग्रहों को दोष देते हैं, जबकि असल में वो बस हमें वो आईना दिखा रहे होते हैं जिसे हम खुद देखना नहीं चाहते।
बताइये, क्या आपके घर में भी आज माहौल कुछ ज्यादा ही गरमा-गरम है? या सिर्फ मेरे घर की चाय में ही कड़वाहट है आज?
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