मघा केतु और मन की उलझन
आज चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में है, जो संतुलन की बात करता है, पर मेष राशि का मंगल और मीन का शनि कहीं न कहीं बेचैनी बढ़ा रहे हैं।
केतु जब मघा नक्षत्र में हो, तो इंसान अक्सर अपने अतीत के बोझ तले दब जाता है। ये पुरानी यादें और अनसुलझे कर्म ही हैं जो मन को अशांत रखते हैं।
मैंने अक्सर देखा है कि जब भी दिमाग बहुत शोर मचाए, तो 'ह्रीं' बीज मंत्र का सहारा लेना चाहिए। इसे बस शांत बैठकर, अपनी सांसों की लय के साथ जोड़ें। यह केतु के प्रभाव को कम करने का सबसे सीधा तरीका है।
बहुत ज्यादा सोचना छोड़िए। जो हो चुका, वो बस एक अनुभव था।
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रात को सोने से पहले बस 10 मिनट मौन होकर बैठो। खुद को उस अतीत से अलग करने की कोशिश करो जो तुम्हें आज भी पकड़ कर बैठा है।
शांत मन ही वो जगह है जहाँ असली जवाब मिलते हैं। बाकी सब तो बस शोर है।
कोशिश करो, शायद सुकून मिल जाए।
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