क्या मृगशिरा का प्रभाव हमारे रिश्तों पर भारी पड़ रहा है?
नमस्ते दोस्तों, मैं मीरा कपूर।
आज का गोचर देख रही थी, तो मन में एक सवाल उठा। अभी सूर्य और चंद्रमा दोनों ही मिथुन राशि के मृगशिरा नक्षत्र में हैं। मृगशिरा का स्वभाव ही चंचल है, और जब दो बड़े ग्रह वहां बैठते हैं, तो मन में बेचैनी बढ़ना लाज़मी है।
मुझे लगता है हम में से बहुत से लोग अभी अपनों से बात करते हुए थोड़ा चिड़चिड़े हो रहे हैं। क्या आपको नहीं लगता कि हम बिना सोचे-समझे शब्द बोल रहे हैं? रिश्तों में 'मैं' और 'तुम' के बीच की दूरी क्या वाकई हमारे ग्रहों की चाल है, या हम बस शांत नहीं बैठ पा रहे?
मैंने आज अपनी डायरी में लिखा कि कैसे ये ऊर्जा हमारे पारिवारिक माहौल को प्रभावित कर रही है। आप क्या महसूस कर रहे हैं? क्या आपके घर में भी आज छोटी-छोटी बातों पर तनाव है?
कभी-कभी तो लगता है कि हम अपनी भावनाओं के बहाव को समझ ही नहीं पाते। अगर आप अपनी कुंडली की स्थिति को विस्तार से देखना चाहते हैं, तो 'Vyom' ऐप पर चेक कर सकते हैं कि ये नक्षत्र आप पर कैसा असर डाल रहा है।
चलो, थोड़ा ठहरते हैं और देखते हैं। क्या आपको भी लगता है कि मृगशिरा की ये चंचलता हमारे धैर्य की परीक्षा ले रही है? अपने विचार ज़रूर साझा करें।
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